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यूरिया और डीएपी के दामों को लेकर आई बड़ी खबर, जानिए खादों के ताजा रेट

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देश में आगामी दिनों में रबी सीजन की बुवाई का काम शुरू होने वाला है। और गेहूँ की फसल की बुवाई से पहले यूरिया व DAP के दामों के लेकर बड़ी खबर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया के कच्चे माल के भाव बढ़ने से भारत द्वारा आयात में कमी के चलते देश में यूरिया की कमी आ सकती है। बाजार जानकारों के मुताबिक देश की मांग के मुताबिक पूर्ति नहीं हो पा रही है। जबकि यूरिया खाद की अधिक आवश्यकता रबी सीजन में होती है और रबी सीजन अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है। ऐसे में ये बाते किसानों को चिंता में डाल सकती है।  

खरीफ और रबी सीजन में विभिन्न प्रकार की फसलों के लिए अनेक प्रकार की खाद/उर्वरक की जरुरत भी होती है। देश के किसान खेती में अधिक उत्पादन के लिए सबसे अधिक यूरिया का ही इस्तेमाल करते हैं। देश में कितनी खाद की जरूरत होती है। पिछले साल के मुताबिक हम जान सकते है की देश में कितनी खाद/उर्वरक की आवश्यकता है। पिछले वर्ष के आंकड़ों के मुताबिक देश में यूरिया (Urea) की 350.51 लाख टन, एनपीके (NPK) 125.82 लाख टन, एमओपी (MOP) 34.32 लाख टन और डीएपी (DAP) 119.18 लाख टन तक की जरूरत थी।  

गेहूँ बुवाई के पहले यूरिया और DAP को लेकर आई बड़ी खबर

अभी से बाजार में यह संभावना भी लगाई जाने लगी है कि रबी सीजन में यूरिया खाद के लिए किसानों को भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। इधर औसत से ज्यादा बारिश होने के पश्चात इस साल रबी फसल का रकबा भी बढ़ने वाला है। ऐसे में पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा यूरिया खाद की जरूरत होगी।  

मार्फेड भोपाल द्वारा FPO को फर्टिलाइजर खाद देना बंद कर दिया है। इसे इससे FPO से जुड़े किसानों में आक्रोश भी है। किसान अपनी इस परेशानी को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं, ताकि किसानों के लिए खाद मिल सके। वर्तमान में यूरिया खाद सिर्फ सेवा सहकारी संस्थाओं सोसायटी के पास आ रहा है , लेकिन यह भी पर्याप्त नहीं है। जिसके कारण किसान मजबूरन अभी से 400 से 500 रुपए तक में यूरिया खाद की एक बोरी खरीदने पर भी मजबूर हैं।

वही केंद्र सरकार द्वारा यूरिया की कीमत निश्चित भी कर दी गई है। यूरिया एवं अन्य उर्वरकों के भाव को लेकर सरकार ने किसानों को राहत भी प्रदान की है हालांकि यह राहत कालाबाजारी के कारण ना के बराबर ही है. क्योंकि सरकार द्वारा नाम पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध भी नहीं हो पाता है मजबूरन किसानों को ऊंचे दाम में कालाबाजारी और से खाद खरीदना भी पड़ता है। 

भारतीय कंपनी इफको ने इस खरीफ सीजन के लिए खाद और उर्वरकों की नए दाम जारी किए है। किसानों को अलग-अलग बोरी पर अलग-अलग कीमत यहां दी गई है।

यूरिया के दाम - 266.50 रुपए प्रति बोरी (45 किलो)

MOP के दाम- 1,700 रुपए प्रति बोरी (50 किलो )

DAP के दाम- 1,350 रुपए प्रति बोरी (50 किलो )

NPK के दाम- 1,470 रुपए प्रति बोरी (50 किलो )

DAP व यूरिया उर्वरक दामों की नई सूची 2022 (सब्सिडी के बिना)

यूरिया के दाम - 2450 रुपये प्रति बोरी (45 किलो)
DAP के दाम- ₹4073 प्रति बोरी (50 किलो )
NPK के दाम- 3291 रुपये प्रति बोरी (50 किलो )
MOP के दाम- ₹2600 प्रतिबोरी (50 किलो )

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