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केंद्र सरकार ने तुअर, उड़द, मसूर की खरीद लिमिट में की बढ़ोतरी , किसानों को होगा मोटा मुनाफा

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Modi Cabinet Decisions: बीते बुधवार हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत तुअर,उड़द और मसूर खरीद की मौजूदा 25 % को बढाकर 40 % की फैसले को मंजूरी दे दी है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल के आधिकारिक के मुताबिक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की आयोजित इस बैठक में देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में इस्तेमाल के लिए बफर स्टॉक से रियायती दरों पर 15 लाख टन चना जारी करने की मंजूरी भी इस बैठक में दी गई.      

बता दे कि कृषि मंत्रालय की मूल्य समर्थन योजना उस समय परिचालन में भी आती है जब किसी कृषि उपज का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे की और आ जाता है.वहीं दूसरी तरफ, खाद्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कीमत स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के अंतर्गत जिंसों की खरीद बाजार मूल्य पर भी की जाती है.

अब क्या है सीसीईए का निर्णय?

बयान के मुताबिक सीसीईए ने मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत तुअर, उड़द और मसूर की खरीद सीमा मौजूदा 25 % से बढ़ाकर 40 % करने को मंजूरी दी. इसके साथ सीसीईए ने मूल्य समर्थन योजना तथा कीमत स्थिरीकरण कोष के तहत खरीदे गये विभिन्न दालों के भंडार में से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को रियायती दरों पर 15 लाख टन चना जारी करने का निर्णय अब किया गया है.

देश के राज्यों को ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर स्रोत वाले राज्यों के निर्गम मूल्य पर आठ रुपये प्रति किलो की छूट के साथ 15 लाख टन चना उठाने की पेशकश सीधे सरकार द्वारा की जाएगी. बयान के मुताबिक , सरकार इस योजना के क्रियान्वयन पर पूरे 1,200 करोड़ रुपये खर्च भी करेगी. और बाद में राज्यों को इस चने का उपयोग मध्याह्न भोजन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम (आईसीडीपी) जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में करने की जरूरत भी होगी. 

इस बार देश में चने का हुआ रिकॉर्ड उत्पादन

केंद्र सरकार ने कहा कि यह व्यवस्था फिलहाल 12 महीने की अवधि के लिये या चने के 15 लाख टन के भंडार के पूर्ण निपटान तक, जो भी पहले हो, तक के लिये ही मान्य होगी. बयान के मुताबिक , चने के निपटान से गोदामों में दूसरे अनाज के लिये जगह भी उपलब्ध होगी. क्योंकि आने वाले रबी मौसम में पीएसएस के तहत खरीदे गये ताजा भंडार के लिये जगह की जरूरत भी पड़ेगी. उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में खासकर पिछले तीन साल में देश में चने का रिकॉर्ड उत्पादन भी हुआ है. 

इस पीएसएस के तहत केंद्र ने फसल वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के रबी मौसम के दौरान चने की रिकॉर्ड खरीद भी की है. इससे सरकार के पास पीएसएस और पीएसएफ के तहत 30.55 लाख टन चना उपलब्ध भी है. सरकार के अनुसार, आने वाले रबी मौसम में भी सरकार चना उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद भी फिलहाल कर रही है.

 

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