india job post

Mustard production: सरकार द्वारा लगाई गई इस रोक से, क्या? देश में पड़ेगा सरसों उत्पादन पर असर

 | 
Mustard production will decrease if stock limit is not removed, price of mustard oil,  price of mustard oil | Jaipur News

देश में सरसों तेल की मस्टर्ड ऑयल प्रॉड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि तेल तिलहन पर लागू स्टॉक सीमा को तुरंत प्रभाव से सरकार द्वारा नहीं हटाया आगामी रबी सीजन के दौरान सरसों की बुआई के रकबे में कमी आने के आसार है। बता दे कि केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते खाद्य तेल की कीमतों पर काबू पाने तेल-तिलहन पर स्टॉक सीमा लागू कर रखी है। मस्टर्ड ऑयल प्रॉड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल डाटा ने बातचीत में बताया कि किसानों को फसल का उचित भाव मिले, इसके लिए तेल व तिलहन पर लगाई स्टॉक सीमा को हटाना बेहद जरूरी भी है। किसानों के खेतों में अभी सोयाबीन एवं मूंगफली की फसल तैयार भी खड़ी है। अच्छी बरसात को देखते हुए रबी की बुआई भी जोरदार होने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन तिलहनों की कम कीमतें किसानों की चिंता को बढ़ा रही है। ऐसे में सरसों की बुआई भी इसी कारण से प्रभावित हो सकती है।

विदेशी तेलों में भारी मंदी का दौर 

सरकार द्वारा खाने के तेलों में मंदी के प्रयास किए जाने से पिछले दो सप्ताह में सरसों सीड में 600 रुपए प्रति क्विंटल तक टूट गए हैं। राजस्थान एवं देश की मंडियों में पिछले एक माह से सरसों की आवक बढ़ने तथा विदेशी तेलों में भारी मंदी आने से सरसों तेल में भी करीब 13 रुपए प्रति किलो की नरमी भी आई है। समर्थन पाकर सरसों खल प्लांट के भाव भी 250 रुपए नीचे आकर 2450 रुपए प्रति क्विंटल तक आ गए हैं।

मंडियों में 74 लाख टन सरसों की आवक

देश की मंडियों में अब तक 74 लाख टन सरसों की आवक हो भी चुकी है। तथा 31 अगस्त तक 67 लाख टन सरसों की पेराई भी पूरी हो गई है। देश में त्योहारी मांग के बावजूद बाजारों में खाने के तेलों के दाम गिरने लगे हैं। पिछले दिनों विदेशी बाजारों में भी खाने के तेलों की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई थी। इसका प्रभाव अब तेल की खुदरा कीमतों पर दिखना भी शुरू हो गया है। ध्यान रहे पिछले माह सरकार ने खाद्य तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विदेशी तेलों की कीमतों में आई गिरावट का लाभ जनता तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए थे। सरकार की कोशिश है कि खुदरा बाजार में भी खाने के तेलों की कीमतों में नरमी आए।  भारत विश्व में सबसे ज्यादा पाम ऑयल आयात करने वाला देश भी है। राजस्थान सहित देश की मंडियों में लगभग ढाई लाख बोरी सरसों सीड प्रतिदिन भी उतर रही है।

रोजाना मंडी भाव के लिए यहां टच कर व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़े

ये भी पढ़े: Weather Update Rajasthan: राजस्थान में एकदम बदला मौसम का मिजाज, विभाग मुताबिक राज्य में इस दिन तक जारी रहेगा मानसून

ये भी पढ़े:सावधान! इन राज्यों में आने वाली है आफत भरी बारिश, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

ये भी पढ़े:इस खेती में किसानों को मिलेगा प्रति हेक्टेयर 15 लाख तक का मुनाफा, अभी जानें बुवाई, बीजाई सहित सारी जानकारी

ये भी पढ़े: मंडी भाव 15 सितंबर 2022: सरसों, नरमा, मूंगफली, मोठ, बाजरा, ग्वार, इत्यादि कृषि उपज भाव