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Onion Price: सरकार के इस कदम से, अब प्याज के दामों में आएगा उछाल

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बीते दिनों सरकार द्वारा प्याज के निर्यात पर शुल्क बढ़ा देने के कारण देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य में प्याज के भाव में भारी गिरावट दर्ज हुई। जिससे प्याज के किसानों के सामने बड़ा संकट पैदा हो गया। राज्य में इस मामले को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर नफेड के माध्यम से प्रदेश से प्याज की खरीद और करने का अग्रह किया है.

बता दे कि नफेड पहले ही 2 लाख 38 टन प्याज की खरीद कर चुका है. अब मुख्यमंत्री ने मांग की है कि इसे और दो लाख टन तक बढ़ाया जाए. महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव, शासन एवं विपणन विभाग अनुप कुमार ने केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस पर मीडिया से चर्चा की हैं.

सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में पहले पांच महीने से किसान कम कीमतों में प्याज बेचने पर मजबूर हैं. ऐसे में कई किसान प्याज़ का स्टॉक किया हैं.लेकिन, बहुत सारे ऐसे किसान भी है जिनके पास स्टॉक करने की सुविधा नही है. इसिलए वो कम भाव में नुकसान झेल के प्याज़ मजबूरी में अपनी फसल बेच रहे हैं. किसान लगातार राज्य और केंद्र सरकार से मदद की गुहार भी लगा रहे हैं.

 मुख्यमंत्री ने खत में किसानों की समस्याओं का जिक्र

मुख्यमंत्री शिंदे की ओर से केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल को भेजे गए पत्र में कहा गया है. प्याज की कीमतों में गिरावट से प्याज उत्पादकों को कई तरह की आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के माध्यम से और 2 लाख टन प्याज की खरीद की जानी चाहिए. महाराष्ट्र में प्याज किसानों की प्रमुख फसल भी है. और देश के कुल उत्पादन का 35 से 40 % महाराष्ट्र में ही उत्पादन होता है.

प्याज़ के उत्पादन में वृद्धि

इस साल अच्छी बारिश से प्याज का उत्पादन बढ़कर 136.70 लाख टन तक हो गया है. इस उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 20 लाख टन की बढ़ोतरी हुई है, जिससे बाजार भाव में काफी गिरावट दर्ज हुई है. इससे प्याज उत्पादकों में निराशा और बेचैनी का माहौल भी है. श्रीलंका से बड़ी मात्रा में भारतीय प्याज का निर्यात किया जाता है, लेकिन, वहां के आर्थिक संकट के कारण इस निर्यात में भी बहुत दिक्कतें आ रही हैं. ऐसे में किसानों की मुश्किलें भी बढ़ रही है.

नफेड के माध्यम से प्याज़ खरीदी का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पत्र में आगे लिखा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बदलते हालात के कारण हमारे किसानों को निर्यात से अच्छी कीमत मिलना अभी संभव नहीं है. उप मुख्य सचिव अनूप कुमार ने केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा भी की. इस चर्चा में प्याज खरीद की मांग की बात भी की गई हैं चूंकि इस समय प्याज भंडारण और वितरण प्रणाली मजबूत नहीं है, इसलिए सचिव ने जानकारी दी है कि उन्हें इस बारे में सोचना भी होगा. फिर भी अनूप कुमार ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्याज नफेड के माध्यम से खरीदा भी जाएगा.

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