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Potato Crop Weed Management: आलू की खेती के शुरुआती दिनों में इस तरह करें खरपतवार प्रबंध

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देश में इन दिनों किसान पारंपरिक फसलों की खेती छोड़ कर सब्जी और बागवानी में रुचि रखने लगे है। और देश में आलू की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। आलू की फसल को उगने में 10 से 15 दिन तक का समय लगता है। जैसा कि आप जानते है कि आलू की खेती पंक्तियों में की जाती है। और आलू बौने के समय खाद और पानी के कारण से फसल में खरपतवार उगने की संभावना भी बढ़ जाती है। अगर समय रहते खरपतवार का नियत्रण समय रहते न किया जाए तो इसका असर आलू उत्पादन पर भी पड़ता है।       

आलू की फसल में खरपतवार से फसल को बढ़वार में भी काफी कमी पाई गई है. ये खरपतवार आलू की फसल के बीच में उगकर मिट्टी से सभी तरह के पोषक तत्व ही नहीं अपितु पानी और जगह के लिए भी मुश्किल कर उत्पादन में भारी कमी भी करते है.और इन खरपतवारों में कीट व रोगों के रोगाणु भी शरण भी लेते है और धीरे-धीरे फसल में भी फैल जाते है. आमतौर पर मिट्टी में बहुत अधिक नमी होने के कारण भी आलू की फसल में बुवाई के बाद खरपतवार बहुत ज्यादा मात्रा में भी उगने लगते हैं.सभी प्रकार (संकरी और चौड़ी पत्ती) के खरपतवारों का नियंत्रण समय पर एवं उचित खरपतवारनाशी चीजों का उपयोग करके किया जा सकता है- 

किसान आलू में खरपतवार को कैसे रोकें (How to stop weeds)

वैसे तो रासायनिक विधि द्वारा रसायनों का उपयोग करके भी फसल से खरपतवारों का नियंत्रण किया जा सकता है. और इन रसायनों का उपयोग समय समय पर सही उपयोग करने से बहुत अच्छी तरह खरपतवारों पर नियंत्रण भी किया जा सकता है. इसके लिए बुआई के 1 से 3 दिन बाद खरपतवारों के रासायनिक नियंत्रण के लिए पेंडामेथलिन 38.7% CS @ 700 मिली प्रति एकड़ क्षेत्र में 200 लीटर पानी में मिलाकर अच्छी तरह छिड़काव करें.

इन कीटनाशकों का इस प्रकार छिड़काव करने से बुवाई के बाद शुरुआती अवस्था में उगने वाले खरपतवारों का नियंत्रण भी हो जाता है. यदि फसल में बुवाई के 3-4 दिन बाद या पौधा की ऊंचाई 5 से.मी. होने से पहले भी खरपतवार नजर आए तो किसान मेट्रीब्युजिन 70% WP नाम की खरपतवारनाशी की 100 ग्राम मात्र प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर अच्छी तरह छिड़काव करें. किसान इस बात का ध्यान रखें उपरोक्त बताई गई खरपतवारनाशक के छिड़काव के समय खेत में पर्याप्त नमी का होना भी अधिक आवश्यक भी है. अगर ऐसा न करने पर खरपतवारनाशक का असर सही तरह से नहीं हों पाता है. और खरपतवार वैसे का वैसे ही रहता है।

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