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बिहार में इतने प्रतिशत हुई धान की रोपाई, अब खाद संकट को लेकर किसानों और राज्य सरकार की बढ़ी चिंता

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देश भर में खरीफ सीजन पीक पर है। और अभी देश के कई राज्यों में किसानों द्वारा धन की रोपाई भी जारी है। पर कई राज्यों मे मानसून की कम बारिश से धान की खेती को बहुत अधिक प्रभावित किया है। इन कम वर्षा वालें राज्यों देश के एक चावल उत्पादक राज्य बिहार भी शामिल है। लेकिन अगस्त का महीने खत्म होने से पहले बिहार के किसानों ने जैसे-तैसे नलकूपों से या अन्य साधनों के माध्यम से धान की रोपाई का काम भी पूरा कर लिया है। राज्य के 87% रकबे में धान की रोपाई भी हो चुकी है। लेकिन अब धीरे-धीरे बिहार राज्य के किसानों के सामने उवर्रक संकट आता हुआ दिखाई दे रहा है। इस स्थिति को लेकर राज्य के नए कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने अब चिंता भी व्यक्त की है.         

बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से उर्वरक की मांग की 

बिहार राज्य के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने बीते बुधवार को पटना में आयोजित बैठक में राज्य में विभिन्न उर्वरकों की आवश्यकता, आवंटन एवं आपूर्ति की समीक्षा भी की. इस दौरान राज्य के कृषि मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ 2022 में धान का रोपाई 87 फीसदी तक हो चुकी है. अब किसानों को धान फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की जरूरत है. लेकिन, केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न उर्वरकों की आवश्यकता के अनुरूप आपूर्ति भी नहीं कि जा रही है, जिससे राज्य के किसानों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि आवश्यकता के मुताबिक विभिन्न उर्वरकों की आपूत्र्ति करने हेतु भारत सरकार को पत्र भी भेजा जा रहा है.

राज्य में खरीफ सीजन की शुरुआत से कम हो रही है आपूर्ति

राज्य के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने केंद्र सरकार की तरफ से बिहार को आवंटित उर्वरक की आपूर्ति का आंकड़ा रखते हुए कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत से कम आपूर्ति ही हो रही है. उन्होंने कहा कि अप्रैल से अगस्त तक केंद्र सरकार की तरफ से 6.71 लाख मीट्रिक टन तक यूरिया की आपूर्ति की गई है. जबकि राज्य में जरूरत 7.70 लाख मीट्रिक टन तक की थी. उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इसी प्रकार इस अवधि में 2.50 लाख मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत थी, जबकि 1.90 लाख मीट्रिक टन तक वही एनपीके, 0.95 लाख मीट्रिक टन एमओपी की जरूरत राज्य में थी. लेकिन, इसके अनुपात में 1.72 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 1.5 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.35588 लाख मीट्रिक टन तक एमओपी की आपूर्ति केंद्र सरकार द्वारा की गई है, जो आवश्यकता के मुकाबले कम है.

उर्वरक संबंधी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर

बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने बताया कि राज्य के किसान उर्वरक संबंधी कठिनाई या शिकायत के लिए कृषि निदेशालय के हेल्पलाईन नंबर 0612-2233555 पर या जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी से सीधे संपर्क कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वह फसल की गुणवत्ता एवं मिट्टी की उर्वरा-शक्ति बरकरार रखने के लिए उर्वरकों की उचित मात्रा में ही प्रयोग करें. इस बैठक में कृषि विभाग के सचिव डाॅ एन सरवण कुमार, कृषि निदेशक डाॅ आदित्य प्रकाश सहित मुख्यालय के वरीय पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे.

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