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अगर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का ये गणित समझ लिया, तो हर साल बचेंगे 30 हजार से ज्यादा

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एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर

World EV Day 2022: आज विश्व इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) दिवस है। यह दिन हमारे लिए भी बहुत खास है क्योंकि भारतीय बाजार अब तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। बड़ी हो या छोटी लगभग सभी कंपनियां इस क्षेत्र में कूद पड़ी हैं। हालांकि आज भी कई लोग इलेक्ट्रिक कार चलाने से हिचकिचाते हैं। इसका मुख्य कारण इनका महंगा होना है। खासकर जब से इलेक्ट्रिक कार अभी भी आम आदमी की पहुंच से काफी दूर है। दो इलेक्ट्रिक व्हील खरीदे जा सकते हैं। यह दो-पहिया गैसोलीन से भी अधिक महंगा नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप पेट्रोल की तुलना में इसे खरीदकर हर साल 30 लाख रुपये तक बचा सकते हैं। विश्व इलेक्ट्रिक वाहन दिवस के मौके पर हम आपको इसकी गणना के बारे में बताते हैं।

दो पहिया इलेक्ट्रिक वाहन के लिए गणित की बचत

दो-पहिया इलेक्ट्रिक वाहन के लिए बचत गणना को समझने के लिए, आपको इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने की इकाई लागत और गैसोलीन की लागत की तुलना करने की आवश्यकता है। पेट्रोल से चलने वाली कार कभी फ्री नहीं होती। जबकि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर हर साल इतनी बचत करेगा कि 38 महीने में फ्री हो जाएगा। तो चलिए जल्दी से इस गणित के बारे में बात करते हैं।

  • मान लीजिए आपने एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदा जिसकी कीमत 1 लाख रुपए है।
  • आपके शहर में 1 यूनिट बिजली की कीमत 8 रुपए है। ईवी को फुल चार्ज करने में करीब 2 यूनिट खत्म होती हैं।
  • तब 8 रुपए यूनिट के हिसाब से ईवी को एक दिन चार्ज करने में 2 यूनिट के 16 रुपए खर्च होंगे।
  • मान लेते हैं कि 16 रुपए के खर्च में ईवी 50 से 70 किलोमीटर की रेंज देती है।
  • अब 1 दिन में 16 रुपए खर्च हुए। तो एक महीन में 16 रुपए x 30 दिन = 480 रुपए खर्च होंगे।
  • हम राउंड फिगर में 480 रुपए की जगह एक महीने का खर्च 500 रुपए मान लेते हैं।
  • इस हिसाब से एक साल में 12 महीने x 500 रुपए = 6000 रुपए खर्च होंगे।
  • अब मान लीजिए पेट्रोल गाड़ी में आप डेली 100 रुपए खर्च करते थे, तब एक महीने के आपने 3000 रुपए खर्च किए।
  • इस तरह पेट्रोल गाड़ी में एक साल के 12 महीने x 3000 रुपए = 36,000 रुपए खर्च होते हैं।
  • यानी पेट्रोल गाड़ी के 36,000 रुपए से ईवी के 6000 रुपए घटाए जाएं, तब सालभर में 30,000 रुपए की बचत होती है।
  • इस गणित के हिसाब से आप 1 लाख रुपए के ईवी को 3.2 साल यानी 38 महीने में फ्री कर लेंगे।
  • ईवी की बैटरी पर कंपनियां 50 हजार किलोमीटर तक या फिर 5 साल की वांरटी देती हैं। 

इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी डिस्चार्ज वोल्टेज

इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले ग्राहकों को इलेक्ट्रिक कार खरीदने का मकसद समझना चाहिए. यानी जिन लोगों को प्रतिदिन केवल 50-60 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, उन्हें बैटरी खत्म होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्यादातर कंपनियों ने अब दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज बढ़ाकर 80-100 किलोमीटर कर दी है। वहीं, इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में वाहन की रेंज 300 से बढ़कर 500 किलोमीटर हो गई है। अब अगर आप रोजाना ऑफिस जाते हैं या बाजार से जुड़े किसी जरूरी काम को संभालते हैं। अब अधिकतम 50 से 60 किमी का काम किया जाता है। ऐसा करने के लिए आप कार को रोजाना चार्ज कर पैदल चल सकते हैं।

पेट्रोल और डीजल से बेहतर है इलेक्ट्रिक कार

ऑटो विशेषज्ञ अमित खैर ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें इन दिनों आसमान छू रही हैं। पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर तक मिल रहा है। बेहतर माइलेज वाली मोटरसाइकिलें भी एक लीटर पेट्रोल पर 70 किमी तक का सफर तय करती हैं। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन अधिकतम 20 रुपये यानी महीने के 30 दिनों में कई किलोमीटर का सफर तय करता है, जहां पेट्रोल की कीमत 3,300 रुपये होगी। तो वहीं, इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमत सिर्फ 600 रुपये होगी यानी इससे 2,700 रुपये की सीधी बचत होगी। ये बचत इलेक्ट्रिक कार या इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के साथ अन्य इलेक्ट्रिक वाहन पर भी लागू होती है।

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